Wednesday, December 29, 2021

ई-श्रम कार्ड बनवाइए | 2 लाख रुपये का मुफ्त बीमा पाइये | E-Shram Card - Muft 2 Lakh Ka Beema

ई-श्रम कार्ड बनवाइए | 2 लाख रुपये का मुफ्त बीमा पाइये | E-Shram Card - Muft 2 Lakh Ka Beema

अपने घर की कामवाली बाई / नौकर, आपकी दुक़ान और आसपास के दुकानों में काम करने वाले नौकर/सेल्सगर्ल/सेल्सबॉय, रिक्शा चालक आदि सभी को  2 लाख रुपये का मुफ्त बीमा है तथा 5 लाख तक का मुफ्त इलाज है।

ई-श्रम कार्ड बनवाइए | 2 लाख रुपये का मुफ्त बीमा पाइये | E-Shram Card - Muft 2 Lakh Ka Beema


कौन पात्र है ?

वे सभी व्यक्ति जिनकी उम्र 16 से 59 साल के बीच है !

कौन पात्र नहीं है ?

  1. जो इनकम टैक्स जमा करता है !
  2. जो CPS/NPS/EPFO/ESIC का सदस्य है !

कैसे करें आवेदन ?

  • पंजीयन आपके आसपास के किसी भी चॉइस सेंटर / लोक सेवा केंद्र (CSC/ में हो सकता है।
  • आप स्वयं भी अपने मोबाइल या लैपटॉप से आवेदन कर सकते हैं !
  • जिनका मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है उन्हें आवेदन के लिए अपने नजदीकी csc सेंटर पर जाकर आवेदन कराना पड़ेगा!

आवेदन लिंक


Apply Online For E-Shram Card


आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज ?

  1. आधार नंबर 
  2. मोबाईल नंबर 
  3. बैंक का खाता

क्या फायदा होगा ?

  • 2 लाख रुपये का मुफ्त बीमा
  • श्रम विभाग की सभी योजनाओं का लाभ जैसे बच्चों को छात्रवृत्ति, मुफ्त सायकल , मुफ्त सिलाई मशीन, अपने  काम के लिए  मुफ्त उपकरण आदि
  • भविष्य में राशन कार्ड को इससे लिंक किया जायेगा जिससे देश के किसी भी राशन दुक़ान से राशन मिल जायेगा ! 
  • वास्तव में आपके आसपास दिखने वाले प्रत्येक कामगार का यह कार्ड बन सकता है।  

विभिन्न प्रकार के मजदूरों / कामगारों का उदाहरण,  जिनका ई-श्रम कार्ड बन सकता है  निम्नानुसार हैं : -

घर का नौकर - नौकरानी (काम वाली बाई), खाना बनाने वाली बाई (कुक), सफाई कर्मचारी, गार्ड,  रेजा, कुली, रिक्शा चालक, ठेला में किसी भी प्रकार का सामान बेचने वाला (वेंडर), चाट ठेला वाला, भेल वाला, चाय वाला, होटल के नौकर/वेटर, रिसेप्शनिस्ट, पूछताछ वाले क्लर्क, ऑपरेटर,   हर दुकान का नौकर / सेल्समैन / हेल्पर, ऑटो चालक, ड्राइवर, पंचर बनाने वाला,  ब्यूटी पार्लर की वर्कर, नाई, मोची, दर्ज़ी ,बढ़ई , प्लम्बर, बिजली वाला (इलेक्ट्रीशियन), पोताई वाला (पेंटर), टाइल्स वाला, वेल्डिंग वाला, खेती वाले मज़दूर, नरेगा मज़दूर, ईंट भट्ठा के मज़दूर, पत्थर तोड़ने वाले, खदान मज़दूर, फाल्स सीलिंग वाला, मूर्ती बनाने वाले, मछुवारा, चरवाहा, डेयरी वाले, सभी पशुपालक, पेपर का हॉकर,  जोमैटो स्विगी के डिलीवरी बॉय, अमेज़न फ्लिपकार्ट के डिलीवरी बॉय  (कूरियर वाले), नर्स, वार्डबॉय, आया,  मंदिर के पुजारी,  विभिन्न सरकारी ऑफिस के दैनिक वेतन भोगी, कलेक्टर  रेट वाले कर्मचारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता सहायिका, मितानिन, आशा वर्कर  आदि आदि अर्थात  सभी तरह के व्यक्ति का पंजीयन हो सकता है।

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Sunday, December 26, 2021

बड़े फायदे का है ई-श्रम कार्ड, जानिये क्या-क्या मिलते हैं फायदे? | e-SHRAM CARD

बड़े फायदे का है ई-श्रम कार्ड, जानिये क्या-क्या मिलते हैं फायदे?

इस कार्ड की मदद से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सरकारी योजनाओं , देश के दूसरे हिस्सों में रोजगार के अवसर और दुर्घटना होने पर आर्थिक सुरक्षा का लाभ मिलता है !

बड़े फायदे का है ई-श्रम कार्ड, जानिये क्या-क्या मिलते हैं फायदे? | e-SHRAM CARD


असंगठित श्रेत्र के श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा देने और उन्हें संगठित श्रेत्र के श्रमिकों के बराबर फायदे दिलाने के लिये सरकार ने इसी साल अगस्त में ई-श्रम पोर्टल की शुरुआत की थी. सरकार का मकसद इस पोर्टल के जरिये देश में मौजूद असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की जानकारी जुटाना और उन तक सभी सरकारी योजनाओं का फायदा पहुंचाना है. इसके लिये श्रमिकों को ई-श्रम कार्ड दिया जा रहा है. जिसे दिखा कर श्रमिक आसानी से सरकारी योजनाओं से लेकर रोजगार के अवसरों तक पहुंच प्राप्त कर सकते हैं!

क्या है ई-श्रम कार्ड

ई-श्रम कार्ड सरकार के द्वारा श्रमिकों को जारी किया जाने वाला एक खास कार्ड है जिसके साबित होता है कि श्रमिक असंगठित क्षेत्र का एक कामगार है और जिसके सभी दस्तावेज ई-श्रम पोर्टल पर वेरिफाई किये जा चुके हैं. यानि अब श्रमिकों को अपने फायदे पाने के लिये ज्यादा दौड़भाग नहीं करनी होगी. वो इस दिखाकर या सबमिट कर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को मिलने वाले सभी फायदे पा सकते हैं!

क्या है ई-श्रम कार्ड के फायदे

  • ई-श्रम कार्ड हासिल करने वाले मजदूरों को देश में कहीं भी रोजगार पाना आसान हो जायेगा. डाटा बेस में उनसे जुड़े आंकड़े होने की वजह से उन्हें काम पाने में प्राथमिकता मिल सकेगी!
  • ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्टर्ड श्रमिक को 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर दिया जाएगा. पोर्टल पर रजिस्टर्ड श्रमिक यदि दुर्घटना का शिकार होता है तो मृत्यु या फिर पूर्ण विकलांगता की स्थिति में 2 लाख रुपये की धनराशि दी जाएगी. वहीं, अगर श्रमिक आंशिक रूप से विकलांग होता है तो इस बीमा योजना के तहत वह एक लाख रुपये का हकदार होगा!
  • इस कार्ड की मदद से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना, स्वरोजगार करने वालों के लिये राष्ट्रीय पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रधानमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता योजना, आयुष्मान भारत, बुनकरों के लिये स्वास्थ्य योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा!

क्या है रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और शर्तें

इस कार्ड के लिए 16 से 59 साल का कोई भी शख्स जो असंगठित क्षेत्र में काम करता है रजिस्ट्रेशन करवा सकता है. रजिस्ट्रेशन ई-श्रम पोर्टल https://eshram.gov.in/ के जरिए कामगार या तो खुद कर सकता है या फिर कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर जाकर करा सकता है. रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से नि:शुल्क है! कामगारों को पोर्टल या कॉमन सर्विस सेंटर पर रजिस्ट्रेशन के लिए कोई भुगतान नहीं करना पड़ेगा!

किन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत

पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए वर्कर्स को नाम, पेशा, पता, शैक्षणिक योग्यता, स्किल जैसी जानकारियां दर्ज करनी होंगी. रजिस्ट्रेशन के लिए आधार नंबर डालते ही वहां के डाटा बेस से कामगार की सभी जानकारियां अपने आप पोर्टल पर सामने दिख जाएंगी. व्यक्ति को बाकी की जरूरी जानकारियां भरनी होंगी!

कामगार द्वारा ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने के लिए आधार संख्या, आधार से लिंक मोबाइल नंबर. बैंक खाता जरूरी है ! यदि किसी कामगार के पास आधार से लिंक मोबाइल नंबर नहीं है, तो वह निकटतम सीएससी पर जा सकता है और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कर सकता है!

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Friday, December 10, 2021

एकलिंग जी मंदिर - उदयपुर राजस्थान | Ekling Ji Temple Udaipur, Rajasthan

एकलिंग जी मंदिर -  उदयपुर राजस्थान | Ekling Ji Temple Udaipur, Rajasthan

इस मंदिर में विभिन्न देवताओं के मंदिर का निर्माण विभिन्न लोगों द्वारा किया गया है। मंदिर के प्रांगण में गिरधर गोपाल जी का मंदिर भी स्थित है इसका निर्माण महाराणा कुंभा ने करवाया था ऐसा माना जाता कि श्री कृष्ण की अनन्य भक्त मीराबाई मंदिर में प्रभु की भक्ति आराधना में लीन रहती थी। इसीलिए इस मंदिर को मीरा बाई मंदिर के नाम से भी जाना जाता है।

एकलिंग जी मंदिर -  उदयपुर राजस्थान | Ekling Ji Temple Udaipur, Rajasthan


मंदिर में दो सुंदर तालाब भी है- पार्वती कुंड और तुलसी कुंड। मंदिर के पश्चिम दिशा की ओर मेवाड़ के गुरुओं की समाधि भी दर्शनीय है। शिवलिंग भगवान शिव का ही रूप है जिस पर चांदी का सांप लोगों को मुख्य आकर्षण के तौर पर नजर आता है।

एकलिंग जी महादेव का इतिहास-

 इतिहास बताता है कि एकलिंग जी को ही साक्षी मानकर मेवाड़ के राणाओ ने अनेक बार यहां ऐतिहासिक महत्व के प्रण लिए थे। एकलिंग जी का यह भव्य मंदिर चारों ओर से ऊंचे परकोटे से घिरा हुआ है। इस परिसर में कुल 107 मंदिर है मुख्य मंदिर में एकलिंग जी की चार सिरो वाली भव्य मूर्ति स्थापित है। 

चार मुख की महादेव भगवान शिव की प्रतिमा चारों दिशाओं में देखती हैं इसमें विष्णु उत्तर में, सूर्य पूर्व में, और ब्रह्मा पश्चिम का प्रतिनिधित्व करते हैं। शिव के वाहन नंदी बैल की एक पीतल की प्रतिमा मंदिर के मुख्य द्वार पर स्थापित है। मंदिर में परिवार के साथ भगवान शिव का चित्र देखते ही बनता है। यमुना और सरस्वती की मूर्तियां भी मंदिर में उपस्थित है।

इन छवियों के बीच में यहां एक शिवलिंग चांदी के सांप से घिरा हुआ है। मंदिर के चांदी के दरवाजों पर भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की छवियां है। नृत्य करती नारियों की मूर्तियां भी देखने योग्य है। गणेश जी का मंदिर, अंबा माता का मंदिर और कालिका मंदिर इस मंदिर के पास ही स्थित है। 

भगवान श्री एकलिंग जी मन्दिर का निर्माण बप्पा रावल ने आठवीं शताब्दी के लगभग कराया था। उसके बाद यह मंदिर तोड़ दिया गया जिसे बाद में उदयपुर के महाराणा मोकल ने इसका जीर्णोद्धार करवाया और वर्तमान मंदिर के नए स्वरूप का संपूर्ण श्रेय महाराणा रायमल को है एकलिंग जी मंदिर की काले संगमरमर से निर्मित महादेव की चतुर्मुखी प्रतिमा की स्थापना महाराणा रायमल के द्वारा कि गई थी।

श्री एकलिंग जी मंदिर से 4 किलोमीटर दूर सहस्रबाहु मंदिर प्रसिद्ध है। यह मंदिर खंडित रूप में है। यह मंदिर ओरंगजेब आक्रमण के समय ध्वस्त हो गया। जिस कारण से इस मंदिर में बनी देवी देवताओं की मूर्तियां टूटे हुए रूप में दिखती है। यह मंदिर वर्तमान में सांस बहू मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। नागदा में स्थित यह मंदिर सोलंकी ( महागुरजर शैली ) कला का प्रतीक है। 

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भारत एक रहस्यमय देश है, आईये जानते हैं इसकी महानता के कारण | India is a Mysterious Country

भारत एक रहस्यमय देश है, आईये जानते हैं इसकी महानता के कारण | India is a Mysterious Country


1. प्रकृति: 

एक ओर समुद्र तो दूसरी ओर बर्फीले हिमालय है, एक ओर रेगिस्तान तो दूसरी ओर घने जंगल है एक ओर ऊंचे-ऊंचे पहाड़ तो दूसरी ओर मैदानी इलाके है। प्रकृति के ऐसे सारे रंग किसी अन्य देश में नहीं है। भारतीय मौसम दुनिया के सभी देशों के मौसम से बेहतर है। सिर्फ यहीं पर प्रमुख रूप से चार ऋतुएं होती है। विदेशी यहां आकर भारत के वातावरण से मंत्रमुग्ध हो जाते हैं।

भारत एक रहस्यमय देश है, आईये जानते हैं इसकी महानता के कारण | India is a Mysterious Country


2. ऋषि_मुनि: 

सप्त ऋषियों के अलावा, कपिल, कणाद, गौतम, जैमिनि, व्यास, पतंजलि, बृहस्पति, अष्टावक्र, शंकराचार्य, गोरखनाथ, मत्स्येंद्र नाथ, जालंधर, गोगादेव, झुलेलाल, तेजाजी महाराज, संत नामदेव, संत ज्ञानेश्वर, रामानंद, कबीर, पीपा, रामसापीर बाबा रामदेव, पाबूजी, मेहाजी मांगलिया, हड़बू, रैदास, मीराबाई, गुरुनानक, धन्ना, तुलसीदास, दादू दयाल, मलूकदास, पलटू, चरणदास, सहजोबाई, दयाबाई, एकनाथ, तुकाराम, समर्थ रामदास, भीखा, वल्लभाचार्य, चैतन्य महाप्रभु, विट्ठलनाथ, संत सिंगाजी, हितहरिवंश, गुरु गोविंदसिंह, हरिदास, दूलनदास, महामति प्राणनाथ, शैगांव के गजानन महाराज, रामकृष्‍ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, मेहर बाबा, दादा धूनी वाले, लाहड़ी महाशय, शीलनाथ बाबा, महर्षि अरविन्द, जे कृष्णमूर्ति, ओशो, स्वामी प्रभुपाद, दयानंद सरस्वती, महर्षि महेश योगी, एनी बिसेंट, आनंद मूर्ति, दादा लेखराज, श्री शिव दयाल सिंह, श्रीराम शर्मा आचार्य, देवहरा बाबा, नीम करौली बाबा आदि ऐसे हजारों साधु और संत हैं।

3. 'प्रथम_मानव': 

यूं तो मनुष्य विकास क्रम से मनुष्य बना, लेकिन कहते हैं कि मनुष्य प्रारंभ में भारत में ही रहता था। शोधानुसार सप्तचरुतीर्थ के पास वितस्ता नदी की शाखा देविका नदी के तट पर मनुष्य जाति की उत्पत्ति हुई। प्रथम सृष्टिकर्ता मानव को स्वायंभु मनु कहा गया।

4. 'प्रथम_धर्म' : 

ऋग्वेद को संसार का प्रथम धर्मग्रंथ माना जाता है। ऋग्वेद को भारतीयों ने ही सरस्वती नदी के तट पर बैठकर लिखा गया। चार ऋषियों अग्नि, वायु, अंगिरा और आदित्य ने मिलकर ऋग्वेद के ज्ञान को वाचिक परंपरा में ढाला जो अभी तक जारी है। वेदों पर आधारित धर्म को ही सनातन वैदिक या हिन्दू धर्म कहा जाता है।

5. मोक्ष_का_दर्शन : 

योग, तप, षड् दर्शन और ध्यान ही धर्म और मोक्ष का मार्ग है। प्राचीन काल से ही साधु-संतों ने इसे प्रचारित किया।

ऋषि पतंजलि ने इसे 'आष्टांग योग' नाम से सुव्यवस्थित किया। आष्टांग योग के बाहर धर्म, दर्शन और अध्यात्म की कल्पना नहीं की जा सकती।

6. मंदिर_और_गुफाएं : 

भारत में कई प्राचीन रहस्यमी मंदिर, स्तंभ, महल और गुफाएं हैं। बामियान, बाघ, अजंता-एलोरा, एलीफेंटा और भीमबेटका की गुफाएं। 

12 ज्योतिर्लिंग, 51 शक्तिपीठ के अलावा कई चमत्कारिक मंदिर।

7. रहस्यमयी_विद्याएं : 

प्राणविद्या, त्राटक, सम्मोहन, जादू, टोना, स्तंभन, इन्द्रजाल, तंत्र, मंत्र, यंत्र, चौकी बांधना, गार गिराना, सूक्ष्म शरीर से बाहर निकलना, पूर्वजन्म का ज्ञान होना, अंतर्ध्यान होना, त्रिकालदर्शी बनना, मृत संजीवनी विद्या, ज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु शास्त्र, हस्तरेखा, पानी बताना, धनुर्विद्या, अष्टसिद्धियां, नवनिधियां आदि सैंकड़ों विद्याओं का जन्म भारत में हुआ।

8. किताबें :

वेद , पुराण , गीता , उपनिषद की कथाएं, पंचतंत्र, बेताल या वेताल पच्चीसी, जातक कथाएं, सिंहासन बत्तीसी, हितोपदेश, कथासरित्सागर, तेनालीराम की कहानियां, शुकसप्तति, कामसूत्र, कामशास्त्र, रावण संहिता, भृगु संहिता, लाल किताब, संस्कृत सुभाषित, विमान शास्त्र, योग सूत्र, परमाणु शास्त्र, शुल्ब सूत्र, श्रौतसूत्र, अगस्त्य संहिता, सिद्धांतशिरोमणि, चरक संहिता, सुश्रुत संहिता, च्यवन संहिता, शरीर शास्त्र, गर्भशास्त्र, रक्ताभिसरण शास्त्र, औषधि शास्त्र, रस रत्नाकर, रसेन्द्र मंगल, कक्षपुटतंत्र, आरोग्य मंजरी, योग सार, योगाष्टक, अष्टाध्यायी, त्रिपिटक, आगम एवं जिन सूत्र, समयसार, लीलावती, करण कुतूहल, कौटिल्य के अर्थशास्त्र, आदि लाखों ऐसी किताबें , ग्रंथ हैं जिनके दम पर आज विज्ञान, तकनीक आदि सभी क्षेत्रों में प्रगति हो रही है।

9. कला : 

कलारिपट्टू (मार्शल आर्ट), भाषा, लेखन, नाट्य, गीत, संगीत, नौटंकी, तमाशा, स्थापत्यकला, चित्रकला, मूर्तिकला, पाक कला, साहित्य, बेल-बूटे बनाना, नृत्य, कपड़े और गहने बनाना, सुगंधित वस्तुएं-इत्र, तेल बनाना, नगर निर्माण, सूई का काम, बढ़ई की कारीगरी, पीने और खाने के पदार्थ बनाना, पाक कला, सोने, चांदी, हीरे-पन्ने आदि रत्नों की परीक्षा करना, तोता-मैना आदि की बोलियां बोलना आदि कलाओं का जन्म भारत में हुआ।

10.खेल :

शतरंज, फुटबॉल, कबड्डी, सांप-सीढी का खेल, ताश का खेल, तलवारबाजी, घुड़सवारी, धनुर्विद्या, युद्ध कला, खो-खो, चौपड़ पासा,रथ दौड़, नौका दौड़, मल्ल-युद्ध, कुश्ती, तैराकी, भाला फेंक, आखेट, छिपाछई, पिद्दू, चर-भर, शेर-बकरी, चक-चक चालनी, समुद्र पहाड़, दड़ी दोटा, गिल्ली-डंडा, किकली (रस्सीकूद), मुर्ग युद्ध, बटेर युद्ध, अंग-भंग-चौक-चंग, गोल-गोलधानी, सितौलिया, अंटी-कंचे,पकड़मपाटी, पोलो या सगोल कंगजेट, तीरंदाजी, हॉकी, गंजिफा, आदि खेलों का जन्म भारत में हुआ !

11.अविष्कार : 

पहिया, बटन, रूलर स्केल, शैम्पू, विमान, नौका, जहाज, व्यंजन, रथ, बैलगाड़ी, भाषा, व्याकरण, शून्य और दशमलव, शल्य चिकित्सा,हीरे का खनन, खेती करना, रेडियो, बिनारी कोड, स्याही, धातुओं की खोज, प्लास्टिक सर्जरी, अस्त्र-शश्त्र, बिजली, ज्यामिती, गुरुत्वाकर्षन का नियम, आयुर्वेद चिकित्सा, पृथ्वी का सूर्य का चक्कर लगाना, ब्रह्मांड की लंबाई चौड़ाई नापना, कैलेंडर, पंचाग, परमाणु सिद्धांत, वाद्य यंत्र, पाई के मूल्य की गणना, लोकतंत्र, साम्यवाद आदि का अविष्कार भारत में हुआ !!

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